बिहार में जिस अनंत सिंह के सामने नीतीश कुमार हाथ जोड़ते थे वहीँ अब दुश्मन बन गए हैं
Get link
Facebook
X
Pinterest
Email
Other Apps
पटना. बिहार में ऐसा क्या हो गया है कि अनन्त सिंह और सीएम नितीश कुमार में ठन गई है. अब दोनों आमने सामने हैं. यह अब अदावत सी लगने और दिखने लगी है. देखिये पूरा वीडियो.
लालू प्रसाद यादव को चौधरी देवी लाल का राजनीतिक रूप से शिष्य माना जाता है. और अब चौधरी देवी लाल के पोते ने कमाल कर दिया है. उन्होंने ने अपनी शर्तों पर बीजेपी को झुकने पर मजबूर कर दिया है. दुष्यंत चौटाला ने वो कर दिखाया है जो कभी संभव नहीं दिख रहा था. इनसे लालू के दोनों बेटों को सीख लेनी चाहिए. 165 रूपये में खाइए 1 किलो गुलाब जामुन. क्लिक करके के यहाँ से करो बुक. https://amzn.to/2JqmCar मतलब डॉ अजय चौटाला तिहाड़ में ही काट देते पूरा जीवन. आइये मुद्दे पर चलते हैं. हरियाणा विधान सभा के चुनाव में सत्ता की कुर्सी ऐसे फंसी की किसी को कुछ मझ नहीं आ रहा था, कैसे मामला सुलझेगा. अब दुष्यंत अपनी चाबी से राह आसान कर दी है. अजय चौटाला तिहाड़ की जेल से रिहा हो रहे है . 14 दिन के लिए बाहर आ रहे हैं. लालू प्रसाद यादव भी जेल में हैं. उनकी पार्टी बिहार में विपक्ष में है. जैसे इनोलो हरियाणा में थी. अगर राजद इस बार चुनाव में हरियाणा की तरह मामला फंसा देती है तो बीजेपी से उसके समझौते हो सकते हैं. क्योंकि जेजेपी के बारे में भी यही बात हो रही थी मगर आज जेजेपी सत्ता में आ गई है. अगर तेज...
मिश्रा विधायक की बेटी साक्षी ने जो किया वो उसका अपना निजी मामला है। ऐसी घटनाएं प्रतिदिन या हर घण्टे हो रही है। सभी राज्यों में घट रही है। मैंने खूब ऐसी घटनाओं को देखा और सुना है। कम से कम 8 राज्यों में मैं पत्रकार के रूप में काम किया हूँ उसका तो मैं खुद गवाह हूँ। भाई, राजेश मिश्रा विधायक हैं। उनकी कोई राजनीतिक दुश्मनी या षणयंत्र हो सकता है। मगर बिटियां ने जो किया है उससे सभी बेटियों के बारे में ऐसा सोचना और अनाप शनाप बकना बहुत अनर्थ है और दुखद है। कल से मैं खुद देख रहा हूँ, कुछ लोग लिख रहे हैं बेटी का मजबूर पिता का हाल, ऐसी बेटी न दे भगवान, तभी बेटियां भ्रूण में ही मार दी जाती है। मतलब, पुरुष वादी सोच हावी हो गया है। एक एंकर ने और ही कमजोर कर दिया बेटियों को। उन्होंने उसे स्टूडियो में बैठाकर रुला भी दिया और एक मजबूर बिटियां भी बना दिया। वैसे भी समाज में बेटियों के कई दुश्मन हैं। फिर एक घटना को लेकर लोग बेटियों को दोषी बता रहे हैं। और यह हाल है पढेलिखे और अपने आप को समाज का सबसे बेहतरीन व्यक्ति कहने वालों का। बेटियां मान होती हैं। वो गर्व होती है। किसी एक मुद्दे को लेकर इतना...
वर्ष 2011 में भट्टा परसौल में किसान और प्रशासन में जमकर युद्ध हुआ था। मायावती की सरकार थी। दो पुलिस वाले और 3 किसानों की मौत हुई थी। उस समय के डीएम #दीपक अग्रवाल के भी पैर में गोली लगी थी। और सोनभद्र के उम्भा में हुये बवाल में डीएम #अंकित अग्रवाल पूरी तरह से फेल हुए हैं। उस दौरान केंद्र में यूपीए की सरकार थी तब राहुल गांधी ने भट्टा परसौल का दौरा किया था और इस समय केंद्र में एनडीए की सरकार है कितने जिम्मेदार मंत्री और सन्तरी गये। सत्ता का घमंड ज्यादा अच्छा नहीं होता। एक पिद्दी सा गांव का प्रधान इतनी बड़ी साजिश करके निकल गया और आप सुशासन की दुहाई दे रहे हैं। पूरे #सोनभद्र के पुलिस प्रशासन और डीएम के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना चाहिए। फिर लौटते है राजनीति की तरफ। प्रियंका गांधी को रोकना गलत है। जब कांग्रेस का जनाधार ही नहीं है तो जाने देते। अब प्रियंका गांधी को राहुल समझने की कोशिश गलत होगी। बाबा जी ये जो सत्त्ता मिली है वो आपको नहीँ मिली है। हमने चुनाव कवर किया था। इस दौरान #अखिलेश के खिलाफ लोग थे इसलिए परिवर्तन हुआ...
Comments
Post a Comment